पिथौरागढ़ः आपदा प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू के लिए पहुंचा हेलीकॉप्टर, बीमार महिला को पहुंचाया अस्पताल

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धारचूला। पिथौरागढ़ जनपद के मुनस्यारी और धारचूला तहसीलों के आपदा प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद के लिए शनिवार को हेलीकॉप्टर पहुंच गया। इसके जरिये रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। एक घायल महिला को हेलीकाप्टर से रेस्क्यू करने के बाद अस्पताल पहुंचाया गया। जाराजिबली समाल गांव की घायल कलावती देवी पत्नी चन्द्र सिंह को रेस्क्यू कर  हेलीकॉप्टर से धारचूला सेना के हेलीपैड पर लाया गया, जहां से उन्हें 108 एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धारचूला  पहुंचाया गया। आपदा के दौरान कलावती उकरोडा गाड़ के नाले 100 मीटर तक बह गई थीं लेकिन मौत को मात देकर उनकी जिंदगी बच गई है। उनके साथ उनकी पुत्री कुमारी लक्ष्मी तथा भाई बीरेंद्र सिंह धामी भी साथ में पहुंचे। 

चिकित्सा प्रभारी डॉ. एमके जयसवाल ने उनको भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया है। डॉक्टर ने बताया कि कलावती को कहीं भी फ्रैक्चर नहीं है। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर है। उनका उपचार जारी है। घायल कलावती देवी ने बताया कि उनकी जेठानी हीरा देवी लापता हैं, जो उनके घर से कुछ दूरी पर ही रहती थीं। आपदा के मद्देनजर समाल गांव के सभी पांच परिवारों ने अपने घर छोड़ दिये हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्र में हेलीकॉप्टर के माध्यम से लोगों को राशन भी पहुंचाया जा रहा है। क्षेत्रीय विधायक हरीश धामी और जिला प्रशासन ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए हेलीकॉप्टर की मांग की थी। 

उत्तराखंड  सरकार ने दो दिन पहले हेलीकॉप्टर दे भी दिया था, लेकिन मौसम अत्यंत खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर इस रेस्क्यू अभियान के लिए उड़ान नहीं भर सका था। इस तरह हेलीकॉप्टर को देहरादून से डीडीहाट पहुंचना था, जो मौसम की मार के वजह से एक दिन विलम्ब से पहुंचा। फिलहाल राहत और बचाव कार्य में अभी भी मौसम बाधा बना हुआ है। उल्लेखनीय है कि उपरोक्त दोनों तहसीलों में पिछले एक पखवाड़े के दौरान बादल फटने की घटना और प्राकृतिक आपदा में कम से कम 17 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके अलावा सड़कें, पुल, मकान, पानी, बिजली और टेलीफोन की लाइनें भी बुरी तरह आपदा से तबाह हुई हैं। 

सम्बन्धित महकमे के अधिकारी और कर्मचारी इन सेवाओं को बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर जुटे हुए हैं लेकिन मौसम इसमें अभी भी बाधक बना हुआ है। जिला अधिकारी डॉ. वीके जोगदंडे और क्षेत्रीय विधायक हरीश धामी भी प्रभावित इलाकों में रोजाना भ्रमण कर राहत कार्यों का जायजा ले रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को पानी के तेज बहाव में बहने से हरीश धामी बाल-बाल बचे थे। इन इलाकों में आपदा प्रभावित लोगों को अस्थाई शिविरों में ठहराया गया है, जहां उनके भोजन आदि की व्यवस्था जिला प्रशासन ने कर रखी है।

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